अपनी पेशेंट होम केयर एजेंसी ओपन करने के लिए आपको बहुत सारी चीजों की आवश्यकताएं होती हैं, साथ ही साथ अपनी पेशेंट होम केयर एजेंसी खोलने एक अच्छा व्यावसायिक विचार है खासकर अगर आप हेल्प केयर सेक्टर में काम करना चाहते हैं और समाज की सेवा भी करना चाहते हैं नीचे मैंने एक स्टेप बाय स्टेप गाइड दी है जिसमें आप इस एजेंसी को शुरू कर सकते हैं और पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं साथ ही साथ हम आपको बताएंगे कि इसमें कितना खर्चा होता है।
पेशेंट होम केयर एजेंसी खोलने की पूरी जानकारी
पेशेंट होम केयर एजेंसी खोलने की पूरी जानकारी इस प्रकार है बिजनेस प्लान बनाएं कि आप कौन-कौन सी सेवाएं देंगे जैसे नर्सिंग, केयरटेकर, फिजियोथैरेपी और मेडिसिन डिलीवरी आदि फिर आपको कस्टमर को टारगेट करना है जैसे बुजुर्ग, पोस्ट सर्जरी पेशेंट या फिर डिसएबल आदि लोग। आपको कितना इन्वेस्टमेंट लगेगा और आपको कितने स्टाफ की आवश्यकता शुरुआत में पड़ सकती है।
रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस
पेशेंट होम केयर एजेंसी ओपन करने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की आवश्यकता अवश्य पड़ेगी तो आपको प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनवाए या फिर आप पार्टनरशिप में अपनी एजेंसी को ओपन करें साथ ही साथ जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवाए और स्थानीय नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस अवश्य ले अगर आप नर्सिंग सेवाएं दे रहे हैं तो राज्य के हेल्थ डिपार्टमेंट से परमिशन या फिर लाइसेंस अवश्य ले क्योंकि आपको आगे इसकी जरूरत पड़ सकती है।
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ऑफिस और मार्केटिंग, प्रमोशन
अगर आप अपनी पेशेंट होम केयर एजेंसी ओपन कर रहे हैं तो आपके साथ में ऑफिस और इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में ध्यान देने की भी आवश्यकता है एक छोटा ऑफिस खोलें जिसके अंदर कम्युनिकेशन और रिकॉर्ड रखने के लिए काफी जगह हो बेसिक फर्नीचर कंप्यूटर इंटरनेट और कॉल हैंडलिंग सुविधा होनी भी उसके अंदर आवश्यक है साथ ही साथ आपको मार्केटिंग और प्रमोशन पर भी ध्यान देना होगा जैसे लोकल डॉक्टर और अस्पतालों से नेटवर्क बनाएं सोशल मीडिया पर अपनी एक वेबसाइट क्रिएट करें साथ ही साथ गूगल बिजनेस प्रोफाइल रजिस्टर करें तथा पर्चे और विजिटिंग कार्ड बनवाए यह सब आपको अपनी एजेंसी को चलाने के लिए बहुत सहायता प्रदान करेंगे।
बजट (Budget Estimate in Hindi)
खर्च का नाम | अनुमानित खर्च (₹ में) |
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कंपनी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस | ₹15,000 – ₹25,000 |
ऑफिस सेटअप (फर्नीचर, कंप्यूटर आदि) | ₹20,000 – ₹50,000 |
मेडिकल उपकरण | ₹30,000 – ₹70,000 |
स्टाफ सैलरी (प्रारंभ में 2-4 लोग) | ₹40,000 – ₹1,00,000/माह |
मार्केटिंग खर्च | ₹10,000 – ₹30,000 |
वेबसाइट और डिजिटल प्रचार | ₹5,000 – ₹15,000 |
आकस्मिक/आपातकालीन फंड | ₹20,000 – ₹30,000 |
कुल प्रारंभिक बजट | ₹1.5 लाख – ₹3 लाख |
सुझाव:–
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शुरुआत छोटे स्केल पर करें और धीरे-धीरे विस्तार करें।
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अच्छा और ट्रेंड स्टाफ रखना आपकी सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाएगा।
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मरीजों की संतुष्टि से आपका ब्रांड बनता है – सेवा को प्राथमिकता दें।